चांद के जो धब्बे पृथ्वी से दिखते हैं, वहां क्या तहकीकात कर रहा है चीन?

          

चांद के जो धब्बे पृथ्वी से दिखते हैं, वहां क्या तहकीकात कर रहा है चीन?

1970 के दशक में आखिरी बार ऐसा हुआ था कि कोई अंतरिक्ष यान (Space Craft) चांद से सतह के नमूने लेकर आया था. अब चीन का चंद्रयान (Moon Mission of China) यह कारनामा कैसे करेगा? ऐसा क्यों किया जा रहा है और चीन का दूरगामी लक्ष्य क्या है?

पिछले कुछ दशकों में चीन ने अपने मिलिट्री रन अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Program of China) पर अरबों का खर्च इस उम्मीद में किया है ताकि 2022 तक उसका अपना स्पेस स्टेशन हो और वो चांद पर मानवीय मिशन (Manned Lunar Mission) भेज सके. चांद पर चीन का जो हालिया अभियान है, उसका मक़सद चांद की मिट्टी और पथरीली सतह (Lunar Rocks) के नमूने इकट्ठे करना है. इन नमूनों के अध्ययन से वैज्ञानिक चांद की उत्पत्ति कैसे हुई, चांद बनने की प्रक्रिया क्या थी और उपग्रह पर ज्वालामुखी जैसी क्या एक्टिविटी (Volcanic Activity) हुई, इन सब पहलुओं के बारे में पता करेंगे.

चीन का हालिया चांद मिशन चंग’ई-5 (Chang’e-5) सफलतापूर्वक चांद पर उतर चुका है, जिसे चीनी वैज्ञानिकों ने बड़ी कामयाबी बताया है. सोवियत यूनियन के लूना 24 ने 1976 में चांद की सतह से नमूने इकट्ठे किए थे, उसके बाद से अब कोई मून मिशन यह काम करेगा. आप चीन के मून मिशन से जुड़ी कितनी अहम बातें जानते हैं?
चंद्रमा पर चीन का यह मंसूबा क्या है?
यह चीन की महत्वाकांक्षा का सबूत है कि वो दुनिया में अमेरिका और रूस के बराबर स्पेस पावर बनना चाहता है. सिर्फ इन्हीं दो देशों ने अब तक चांद की सतह से नमूने इकट्ठे करने में कामयाबी हासिल की है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षा 2022 तक स्पेस स्टेशन 'टियांगॉंग' बनाने की रही है, जिसे वो 'चीन का सपना' बताते हैं.
अगले चार सालों में चांद पर जाने वाले अहम मिशन्स के लिए इन्फोग्राफिक.


हालांकि 2011 में चीन ने टियांगॉंग-1 लॉंच किया था और यह मिशन पूरा भी हुआ था, लेकिन 2018 में क्राफ्ट क्रैश हो गया और चीन का नियंत्रण इससे खत्म हो गया. टियांगॉंग-2 के नाम से चीन ने एक स्पेस लैब भी 2016 में लॉंच की थी और 2019 में नियंत्रित रीएंट्री भी की थी. अब Chang’e-5 मिशन के ज़रिये चीन चाहता है कि अगले टियांगॉंग फेज़ के लिए उपकरण और प्रोसीजर का परीक्षण हो जाए.
चांद से नमूने कैसे जुटाएगा मिशन?
चीन ने जो Chang’e-5 मून मिशन भेजा है, उसमें एक लैंडर और एक असेंडर शामिल है. ये बाकी क्राफ्ट से अलग हो चुके हैं और पहले चांद के जिस ज्वालामुखी क्षेत्र को समझा जा चुका है, उस मोन्स रुकमर के पास हैं. ज़मीन से चांद के शीर्ष भाग में जो गहरे धब्बे दिखते हैं, चीन का मिशन तकरीबन वहां है. इस जगह के बारे में माना जाता है कि आखिरी बार चांद पर यहां ज्वालामुखी एक्टिविटी हुई थी.

ये भी पढ़ें :- क्या निवार तूफान जितना खतरनाक होगा बुरेवी तूफान?

यहां पहुंचने के बाद चीन का मून मिशन क्राफ्ट चांद की सतह पर करीब दो मीटर की खुदाई करेगा और मिट्टी और पथरीली सतह के करीब दो किलोग्राम नमूने असेंडर में रखकर लौटेगा. पृथ्वी के वातावरण में आने के बाद उत्तरी चीन के इनर मंगोलिया क्षेत्र में पैराशूट से यह क्राफ्ट उतरेगा.

चांद के नमूनों से क्या होगा?
चीन के वुहान की जियोसाइन्स यूनिवर्सिटी के झायो लॉंग के हवाले से खबरों में कहा गया है कि चांद की सतह से जो धूल और नमूने हासिल होंगे, उनसे चांद का इतिहास नए सिरे से समझने में मदद मिलेगी. इन नमूनों की जांच से यह पता लगाया जा सकेगा कि चांद पर 1 से 2 अरब साल पहले तक जो ज्वालामु​खी जैसी एक्टिविटी थी, वो क्या अब भी है या फिर उसका क्या रूप है.
अब तक चांद के मटेरियल पर जो स्टडी हुई है, उसके हवाले से नेचर की रिपोर्ट की मानें तो करीब 3.5 अरब साल पहले चांद की सतह पर ऐसी एक्टिविटी बंद हो चुकी है. वास्तव में, अंतरिक्ष को और बेहतर समझने के लिहाज़ से चंद्रमा की धूल काफी अहम और पेचीदा विषय रही है. इस बारे में आप विस्तार से अंतरिक्ष विज्ञान संबंधी पोर्टलों या पत्रिकाओं में पढ़ सकते हैं.

china moon mission, china space mission, chinese space station, lunar mission of china, चीनी चंद्रयान, चीन का मून मिशन, चीन का स्पेस मिशन, चीन का स्पेस स्टेशन
अब तक चांद पर दुनिया के ये मिशन काफी अहम रह चुके हैं.


कितना समय और क्या आशंकाएं हैं?
पृथ्वी के हिसाब से 14 दिनों में Chang’e-5 का मिशन पूरा हो जाएगा जो चांद के एक दिन के भीतर का समय होगा. इसका मतलब यह है कि इस मिशन को चांद की सतह पर चांद के हिसाब से रात के कठिन तापमान वाली स्थिति में रुकने की ज़रूरत पेश नहीं आएगी.

य​ह मिशन अंत तक सफल होगा या नहीं, यह तो समय बताएगा लेकिन इसके ​डिज़ाइन और विज्ञान को नज़र में रखते हुए अमेरिकी वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि लैंडर क्रैश हो सकता है या फिर जैसे ही यह मूव करेगा, तो इकट्ठे किए गए नमूने गिर सकते हैं.
                                         By AKSHITDAWAS 

Comments

Popular posts from this blog

All movies 🎥 in just 5 rupees

CBSE Board 10th, 12th Exam 2021 Date Sheet: CBSE ने क्या जारी की 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा की डेटशीट, जानिए Fact Check इसकी सच्चाई

(Water on Moon)NASA को चांद पर कैसे मिला पानी और अब आगे क्या, जानें सब